क्षेत्र की बीडीसी सहित सरपंच एवं ग्रामीणों की रही उपस्थिति
पत्थलगांव- साइकिलों ने शिक्षा प्राप्ति के लिए बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। पहले बालिकाओं को स्कूल आने के लिए किसी का सहारा लेना होता था जिसमें कभी उन्हें विलंब होता था तो कभी शाला से अनुपस्थित भी रहना पड़ता होगा। परंतु साइकिलें मिल जाने के बाद बालिकाओं को स्कूल आने के लिए किसी और का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह बातें छग गौ सेवा आयोग के सदस्य शेखर त्रिपाठी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरेशपुर में बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहीं।
छग शासन की सरस्वती सायकल योजना के तहत शासकीय हाईस्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं को निःशुल्क सायकलें वितरित की जा रही हैं। इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरेशपुर में साईकिलों का वितरण किया। इसके लिए स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गौ सेवा आयोग के सदस्य शेखर त्रिपाठी इसके मुख्य अतिथि थे। वहीं बीडीसी बिंदिया भगत,सरपंच बाबूलाल तिग्गा,शाला प्रबंधन समिति के सदस्य राजेन्द्र गुप्ता,मनोज गुप्ता,अरूण गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान 47 बालिकाओं को साइकिलें वितरित की गईं। सायकलें पाकर बालिकाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। यहां लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शेखर त्रिपाठी ने साइकिलें मिलने पर बालिकाओं को शुभकामनाएं दीं वहीं उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा अर्जित कर अपना,अपने परिवार और गुरूजनों का नाम रौशन करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पहले के समय में बालिकाओं को शिक्षा के अवसर अपेक्षाकृत कम मिल पाते थे। कुछ गिनी-चुनी बालिकाओं को अवसर मिलता भी था उनमें से कुछेक ही प्राथमिक शिक्षा से आगे बढ़ पाती थीं। उच्च शिक्षा के लिए आगे आने वाली बालिकाओं की संख्या बहुत ही न्यून थी। परंतु आज बालिकाओं को हर सुविधा उपलब्ध है। इनका लाभ उठाकर बड़ी संख्या में बालिकाएं आगे आ रहीं हैं। आज कोई क्षेत्र बालिकाओं के लिए अछूता नहीं है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि सुरेशपुर की बालिकाओं को भी अपने गुरूजनों के मार्गदर्शन में लगन और परिश्रम से शिक्षा अर्जित कर उंचा मुकाम हासिल कर गांव और स्कूल को गौरवान्वित करने हेतु प्रयास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकगणों को भी नियमित रूप से स्कूल में आकर अध्यापन कार्य संपादित कराने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं और सुरेशपुर के शिक्षकों को भी इस गुरूतर दायित्व को निष्ठापूर्वक निभाते हुए देश निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्कूल की आवश्यकताओं और समस्याओं के निराकरण के लिए सदैव तत्पर रहने की बात भी कही।
इस कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य राजेन्द्र कुजूर,अर्जुन रत्नाकर समेत स्कूल के समस्त शिक्षक और अभिभावकगण उपस्थित रहे।

