जशपुर मनरेगा से जुड़कर ग्रामीणों को जो आर्थिक संसाधन प्राप्त हुए हैं, इससे हितग्राहियों को लंबे समय तक फायदा देने वाले संसाधन के साथ ही स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को सीधे रोजगार मिलता है। यह हितग्राही के साथ ही अन्य श्रमिकों को भी आर्थिक संबल पहुँचाता है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ ही आर्थिक स्थिति में बढ़ोत्तरी होती है। सही समय पर वर्षा न होने से फसलों के पैदावार में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिससे किसानों केे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। परन्तु ऐसे किसान जिन्होंने अपनी भूमि पर डबरी बनवाया है। उनके लिये यह बड़ा वरदान साबित होता है।
पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत बुलडेगा निवासी हितग्राही श्रीमती घसियानो बाई ने मनरेगा के तहत् अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण करवाया है। उन्होंने बताया कि उनके पास सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता नहीं थीं। पानी का कोई स्रोत भूमि के पास नहीं था डबरी निर्माण से पूर्व वे खेती के लिए पूर्ण रूप से वर्षा के जल पर आश्रित थी। उन्हें हमेशा बारिश के नहीं होने पर फसल नुकसान होने का डर बना रहता था। साथ ही जल स्त्रोत न होने से उनके द्वारा वर्ष में एक ही फसल का उत्पादन किया जाता था। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे उनकी खेती करने में रुचि कम होते जा रही थी।
लाभार्थी ने बताया कि डबरी निर्माण होने से उन्हें कृषि कार्य में मदद के साथ ही भू-जल स्तर में बढोत्तरी हुई है जिससे सिंचाई हेतु साल भर पानी की उपलब्धता बनी रहती है। अब उनकी खेती के लिए बरसात के पानी पर निर्भरता समाप्त हो गई है। उनके द्वारा वर्ष में दोहरी फसल के साथ ही साग-सब्जी का भी उत्पादन किया जा रहा है। इस वर्ष हितग्राही द्वारा सर्वप्रथम धान की फसल लेने के बाद गोभी, टमाटर मौसमी सब्जी उत्पादन के साथ ही मूंगफली की खेती की गई हैं। उन्होंने बताया कि डबरी निमार्ण से उन्हें सालाना 20 से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। आमदनी में वृद्धि होने से परिवार का जीवन स्तर ऊंचा हुआ है। पंचायत में घसियानो बाई डबरी निमार्ण के माध्यम से अतिरिक्त लाभ कमाकर अन्य लोगों के लिये प्रेरणा बन गई है। उनके द्वारा गांव के अन्य लोगों को भी मनरेगा अंतर्गत कार्य कराने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। घसियानों बाई ने प्रदेश सरकार को उक्त योजना से लाभ प्रदान करने के लिए धन्यवाद भी दिया।

