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गुरुवार, 10 फ़रवरी 2022

जशपुर जिले फरसाबहार कोटवार चौकीदारों का वेतन हुआ जाम, टूटी फूटी भाषा में लिखकर तहसीलदार फरसाबहार के नाम सौंपा ज्ञापन।

जशपुर जिला के "नाग लोक" के नाम से विख्यात तहसील फरसाबहार में कुल 58 ग्राम पंचायत शामिल है, इन पंचायतों में ग्राम प्रहरी के रूप में पदस्थ चौकीदारों की संख्या लगभग 46 है, ग्राम पंचायत में तैनात चौकीदारों का वेतन तहसील कार्यालय से प्राप्त होता है, हालांकि सभी चौकीदारों का वेतन समान है, चौकीदारों की भूमिका ग्राम पंचायतों में सरकार के निर्णय सहित अन्य सूचनाओं की मुनादी पीटना हो या राजस्व से संबंधित कोई मामला, इसके लिए ग्राम पंचायतों में तैनात चौकीदार अहम भूमिका निभाते हैं, चौकीदार ग्राम पंचायत के पहरेदार कहे जाते हैं, जो महत्वपूर्ण सूचना तहसील कार्यालय का हो या थाना या ग्राम पंचायत का कई मामलों में चौकीदारों की सूचना व बयान महत्वपूर्ण होते हैं, कई मायनों में चौकीदारों की उपस्थिति अनिवार्य होती है।

      ग्राम पहरेदार (चौकीदारों )को 5 महीने से वेतन अप्राप्त है, फिर भी ये ऊफ तक नहीं कर रहे, ये चुप रहते हैं, क्योंकि इनके समूह में पढ़े-लिखे चौकीदार नहीं है, या तो इन्हें डर है कि शासन द्वारा प्रदाय चौकीदारी भूमि को शासन उनसे छीन कर ना ले जाए, 5 महीने से इनके मेहनताना अप्राप्त होने के बावजूद इन्होंने तहसीलदार फरसाबहार के नाम आवेदन बनाया भी तो टूटी- फूटी भाषा में जिसमें ये कहना चाह रहे हैं कि- सितंबर 2021 से जनवरी 2022 तक 5 महीने का वेतन नहीं मिला है, जबकि अन्य तहसील के अंतर्गत कार्यरत चौकीदारों को समय पर वेतन मिल जाता है, चौकीदारों ने वेतन प्रदाय करने वाले अधिकारी से स्वयं बात भी किया, कि वेतन क्यों नहीं मिल रहा, जवाब में उन्हें रायपुर से बजट नहीं आया है, कहा जाता है, उक्त बातें चौकीदारों के 'ज्ञापन' टूटी- फूटी भाषा में अंकित शब्दों से स्पष्ट है।

 रिपोर्टर खुलेश्वर यादव



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