धान रख-रखाव व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर समिति प्रबंधक मंदिर हसौद निलंबित - Chhattisgarhkimunaadi.com

Breaking

Home Top Ad

मध्यप्रदेश़/छत्तीसगढ के सभी जिलों में संवाददाता की आवश्यकता है इच्छुक व्यक्ति ही संपर्क करें 9644565147,8889471190 छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के सभी जिलों में संवाददाता की आवश्यकता है इच्छुक व्यक्ति ही संपर्क करें 9644565147,8889471190
हिंन्दी न्यूज |अंग्रेजी न्यूज|नौकरी|CGjobse.in|रायपुर|कोरोना|जशपुर|देेश-विदेश|राजनीतिक|हिंन्दी न्यूज |अंग्रेजी न्यूज|नौकरी|CGjobse.in|रायपुर|कोरोना|जशपुर|देेश-विदेश|राजनीतिक

बुधवार, 29 दिसंबर 2021

धान रख-रखाव व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर समिति प्रबंधक मंदिर हसौद निलंबित

 


जिला विपणन अधिकारी रायपुर को शो-काज नोटिस 

रायपुर, 29 दिसम्बर 2021

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत धान खरीदी केन्द्र में धान के रख-रखाव की व्यवस्था में लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा दो अलग-अलग अधिकारी तथा कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की गई है। इनमें प्रभारी समिति प्रबंधक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मंदिर हसौद जिला रायपुर शिव पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं रायपुर द्वारा की गई है। इसी तरह महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा जिला विपणन अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ जिला रायपुर को इस संबंध में गलत जानकारी देने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

गौरतलब है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मंदिर हसौद में सहकारिता विस्तार अधिकारी आरंग श्रीमती निधि पाण्डेय द्वारा आज 29 दिसम्बर को समिति का निरीक्षण किया गया। वहां समिति में धान बोरे खुले में पाए गए, जिसमें सिलाई भी नहीं की गई थी। आसामयिक वर्षा होने की संभावना को देखते हुए पूर्व सूचना सभी समितियों को देने के बावजूद भी वहां समिति में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने तथा कार्यालयीन आदेश एवं निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में आसामयिक वर्षा और ओलादृष्टि से फसलों तथा घरों को हुई क्षति का त्वरित आकलन करनेे के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। श्री बघेल ने जिला कलेक्टरों को वर्षा और ओलादृष्टि से संग्रहण केन्द्रों में रखे धान को बचाने के लिए केप कव्हर लगाने और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

"
"