रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक क्षेत्र तहसीलदार का फर्जी दस्तखत कर जमीन की पट्टे बनाने का मामला पूर्व में उजागर हुआ था, जिसके पश्चात जिला कलेक्टर के निर्देश पर पटवारी को निलंबित कर घरघोड़ा एसडीएम कार्यालय में अटैच कर दिया गया था।
जितेन्द्र पन्ना एक बेखौफ राजस्व विभाग का कर्मचारी जो कि तहसील तमनार अंतर्गत हल्का नं 14 का अतिरिक्त प्रभार में कार्यरत है,
जितेन्द्र पन्ना एक ऐसे पटवारी है जो उच्च अधिकारीयों एवं जमीन दलाल के संरक्षण में हेराफेरी के इस खेल को खेलते आ रहे हैं ।
दिसम्बर 2018 से आज पर्यंत तक जमीन ख़रीदी बिक्री की के संदर्भ में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी चाही गई थी किन्तु अधिकारियों द्वारा इसे आज तक नहीं दिया जा रहा है । जिससे उच्च अधिकारियों का इस गोरखधंधे में शामिल होना साफ तौर पर प्रदर्शित होता है।
आगे देखने की बात होगी कि क्या सरकार इस मसले को गंभीरता से लेती है ?
लैलूंगा विधानसभा के पूर्व विधायक एवं मंत्री रह चुके श्री सत्यानंद राठिया जी ने इस कृत्य को गंभीरता पूर्वक लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करते हुए इस कार्य में जितने भी लोगों की संलिप्तता पाई जाती है सभी लोगों पर चाहे वह अधिकारी हो या कर्मचारी या फिर नेता ही क्यों न हो कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

