जशपुर जिले के जनपद पंचायत फरसाबहार क्षेत्र में रेत( बालू )की समस्याएं आन पड़ी है, रेत पर जब से शासन ने शिकंजा कसना शुरू किया है, तब से रेत माफियाओं के कार्य में भी अंकुश लगा हुआ है, निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पंचायतों के विकास कार्य भी अवरुद्ध हो रहा है, माना के बालू रेत के अवैध खनन पर राजस्व विभाग और खनिज विभाग की कार्यवाही को झुठलाया नहीं जा सकता, लेकिन रेत उपलब्ध ना कराना भी विकास कार्य पर विराम लगाना है, इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यदुवंशी समाज सेवा समिति ने राजस्व विभाग में एसडीएम के नाम पहला ज्ञापन 2/11/ 2020 को व 10 /12/ 2020 को आवेदन प्रस्तुत किया गया था, परंतु आज पर्यंत तक प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं किया गया,इसीलिए यदुवंशी समाज समिति द्वारा बालू उपलब्ध कराने एवं कार्यवाही की मांग करते हुए पूर्व में दी गई आवेदन का स्मरण एवं वर्तमान में दी गई आवेदन पर कार्यवाही चाही गई है, संभावित रेत खदान ग्राम धौरासांड लावाकेरा, गारीघाट, बलवा बहार, एवं पंमशाला है, जहां से बालू (रेत)उपलब्ध कराया जा सकता है, उक्त ज्ञापन के आधार पर शासन को इस बात से भी अवगत कराने का प्रयास किया गया है कि बालू उपलब्ध न कराना निर्माण कार्य व पंचायतों के विकास कार्यों पर अंकुश लगाना है।

