जशपुर फरसाबहार के ग्राम कोनपारा (चट्टीडाँड़) में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज जनपद पंचायत फरसाबहार के अध्यक्ष श्री संजय साय पैंकरा जी की अध्यक्षता एवं प्रदेश संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के श्री बोधसाय मांझी जी ,श्री लछमण परजा जी , कृपाल मांझी , दुबराज बाघ एवं सर्व आदिवासी समाज के बंधुओ के ,गरिमामयी उपस्थिति में मनाया गया , श्री संजय साय पैंकरा जी ने कहा कि जल जमीन और जंगल,आदिवासियों का मूल अधिकार है । देश की आजादी में अनेको आदिवासी विभूतियों की भी भागीदारी रही है,आज भी आदिवासियों को उन्नति की ओर अग्रसर रहने की जरूरत है , उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे रहकर ही उन्नति के पथ पर अग्रसित हो सकते है,हमे गर्व है कि आज छग राज्य छतीसगढ़ीयो के हाथ मे है वन भूमि पट्टा जिन्हें मिल रहा है उनसे अपेक्षा है उस जमीन का सही ढंग से रखरखाव एवं दोहन करे, श्री बसंत सिंह ने कहा कि भारत देश के अलग अलग राज्यो मे मौजूद आदिवासियों की अलग परंपरा अलग बोली भाषा मे भिन्नता के बावजूद हमारी संस्कृति में एकरूपता विधमान है। यही हमारी एकरूपता है सभी आदिवासी एक है। सोनाखान के जमींदार स्व वीर नारायण सिंह एवं बिरसा मुंडा ,को याद करते हुवे उनके द्वारा दिये गए बलिदान को याद करते हुए आदिवासियों को ओर बढ़ने की जरूरत है कहते हुवे आदिवासी समाज के और समृद्ध व खुशहाल होने की कामना की। तथा इस कार्यक्रम को बड़े धूमधाम से नाच गान के साथ मनाया गया ।
जिसमे उपस्थित जनपद पंचायत फरसाबहार के अध्यक्ष श्री संजय पैंकरा जी , खड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन नायक जी , खड़िया समाज जशपुर के जिला अध्यक्ष श्री बोधसाय मांझी , उरांव समाज के सामाजिक कार्यकर्ता श्री अब दियस खाखा , श्री बेक जी , कंवर समाज के सामाजिक कार्यकर्ता श्री मोहन साय जी , गोंड समाज के सामाजिक कार्यकर्ता श्री बसंत सिंह जी , श्री भागीरथी सिदार , सांवरा समाज के सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुनाधर विशाल जी , भेलवां के सरपंच श्री परशुराम मांझी , एवं अन्य आदिवासी समाज भी कार्यक्रम में शामिल होकर अहम भूमिका निभाई ।


