बेमेतरा 08/11/2021
एक और जिला प्रशासन गरीबों को पक्का मकान व शौचालय देने की बात कर रही है। दूसरी और जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। आवास व शौचालय के लिए तरसती हैं आंखें। जिम्मेदार लोग नहीं ले रहे जिम्मेदारी। बूढ़ी आंखें आवास-शौचालय की आस में। पूरा मामला बेमेतरा जिले के दो अलग-अलग ग्राम का है ग्राम पंढरभट्ठा में अधेड़ की उम्र बीत गई आवास-शौचालय की आस में। वहीं दूसरी तस्वीर जिला मुख्यालय से महज कुछ ही किलोमीटर दूर ग्राम रजकुड़ी के आश्रित ग्राम भनपुरी मैं महिला रमसीला विश्वकर्मा अपने पुत्र के साथ लगभग 20 वर्षों से रह रही हैं। लेकिन आज तक उनको आवास-शौचालय नहीं मिल पाया। नतीजा झोपड़ी मैं अपना जीवन काट रही है। साथ ही खुले में शौच के लिए जाने में मजबूर है बूढ़ी महिला। कभी भी कोई अप्रिय घटना होने की संभावना है। कभी भी झोपड़ी गिर सकती है। देखना है या होगा आखिर इनको प्रधानमंत्री आवास का लाभ कब तक मिल पाता है। आखिर कब जनप्रतिनिधि अधिकारी इन पर सुध लेते हैं......?
जिला संवाददाता ममता ग्वाल वंशी बेमेतरा

