ग्राम पंचायत मूलमुला के भूतपूर्व सरपंच भूपेंद्र साहू व सचिव के द्वारा
26 लाख 85 हजार 8 सौ 29 रुपए अपने पिता व पुत्र के खाते में हस्तांतरित कर गबन किया। जिसके तहत कार्यवाही के लिए ग्रामीण हुए लामबंद। शासन के नियमानुसार सरपंच और सचिव दोनों के हस्ताक्षर से पंचायत राशि के चेक होते हैं पास दोनों की मिलीभगत से पंचायत के राशि का हुआ बंदरबांट।
सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी लेने पर मामले का हुआ खुलासा। कई ऐसे बिल लगाए गए जिसमें सामग्री क्रय करने की तारीख ही नहीं है। वास्तविक रुप से सामग्री क्रय किया जाता है तो बाकायदा उसमें उक्त दुकानदार के द्वारा खरीदी तारीख अंकित की जाती है। अपने परिजन को लाभ पहुंचाने के लिए 5 सालों से करता रहा पंचायत की राशि में डकैती। लाखों रुपए खाकर पूर्व सरपंच डकार गया। बिल स्वयं अपने पिता के नाम पर लगाया जबकि उनका कहीं पर भी कोई प्रतिष्ठान नहीं है। यह अपने पिता के नाम पर फर्जी बिल लगाया और इससे स्वयं के खाते में अहरण किया गया। जबकि नियमता किसी भी सामग्री की खरीदी का फॉर्म के नाम से आहरण होना था। सचिव एक शासकीय कर्मचारी होते हुए अपने निजी स्वार्थ है के लिए सरपंच को समर्थन देते हुए सरपंच के साथ मिलकर की जमकर भ्रष्टाचारी। देखना यह होगा ऐसे भ्रष्टाचारी सरपंच-सचिव के ऊपर आखिर कब तक कार्यवाही हो पाती है......?
उचित कार्यवाही नहीं होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी.......
जिला प्रतिनिधि ममता ग्वाल वंशी बेमेतरा

