रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र लैलूंगा में इन दिनों लैलूंगा मुख्यालय के शासकीय कार्यालयों में अपने कार्य के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ रही है। तहसील कार्यालय में बाबुओं को गरीब लोगों की मजबूरी बिकाऊ लगती है। ऐसा ही ताजा मामला लैलूंगा के ग्राम पंचायत,किलकिला निवासी यदुमणी पैकरा का है। जो राजस्व अभिलेखों में अपने भाई का नाम सुधरवाने के लिए कई दिनों से तहसील कार्यालय का चक्कर काट रहा है।
तहसील कार्यालय के बाबू कलेश प्रधान द्वारा आदिवासी युवक को विगत कई दिनों से पैसे की मांग की जा रही है।
यदुमणी ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हो गई जिसके बाद वह अपने जमीन के ऋण पुस्तिका में अपने भाई जगत राम का गलत नाम दर्ज हो गया है। जिसे सुधार कर प्रेमानंद किए जाने के लिए लगातार चक्कर काट रहा है,पीड़ित द्वारा कई दिनों से तहसील कार्यालय लैलूंगा मे बकायदा आवेदन भी दिया गया है।
तहसील कार्यालय में बाबू कलेश प्रधान द्वारा काम करने की एवज में आदिवासी युवक से 5 हजार रूपए की मांग की जा रही है।” जिससे युवक लगातार प्रताड़ित हो रहा है। युवक ने बताया कि उसने 12 सौ रुपए पहले दे चुका है। लेकिन उक्त बाबू द्वारा पूरे पैसे देने पर काम करने की बात कही जा रही है।

