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मंगलवार, 1 फ़रवरी 2022

केंद्रीय बजट 2022 में महंगाई और बेरोजगारी को कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए - विधायक यू.डी. मिंज

यू.डी. मिंज ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट निराशाजनक बजट में बेरोज़गारी,कृषि क्षेत्र,आम नागरिक, महिलाओं को बजट में राहत नहीं

जशपुर आज संसद में बजट 2022 पेश किया जिस पर संसदीय सचिव यू.डी. मिंज ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त मंत्री और पीएम मोदी वेतनभोगी और मध्यम वर्ग के लिए कोई राहत की घोषणा नहीं करके उन्हें निराश किया है। उन्हें धोखा दिया गया है। मोदीनॉमिक्स ने अर्थव्यवस्था को तबाह किया है। देश के लिए मोदी सरकार की अनर्थनीति हानिकारक साबित हुई है।


उन्होंने कहा कि  केन्द्र सरकार का बजट पूरी तरह से निराशाजनक और दिशाहीन है। बजट में किसानों, मजदूरों, युवाओं, बेरोजगारों और महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने ने कहा कि बजट को लेकर लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि किसानों,महिलाओ,मजदूरों, बेरोजगारों को कुछ मिलेगा, लेकिन इसमें कुछ नहीं है। किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में कोई बात नहीं कही गई है। पुराने बजट में जिन विषयों को शामिल किया गया था, उनके बारे में कोई प्रावधान नहीं है। 100 स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही थी, वो भी पूरा नहीं हो रहा है। यह बजट पूरी तरह से दिशाहीन बजट है। जिसमें न नौजवानों के लिए कुछ है, न बेरोजगारों के लिए, न महिलाओं के लिए और न किसानों के लिए कुछ है।  


विधायक यू.डी. मिंज ने कहा कि बजट में भारत की सबसे बड़े ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, कृषि एवं किसान, बेरोजगार एवं गरीब, महिलाएं एवं युवा तथा मध्यम वर्ग व सामान्य जन के लिए किसी भी प्रकार की राहत अथवा उनकी आजीविका एवं आय बढ़ाने के बारे में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। बजट से किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का केन्द्र सरकार का वादा खोखला साबित हुआ है।

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