फरसाबहार विधायक कार्यालय से बाजार डांड, जनपद कार्यालय के मुख्य द्वार, एवं फरसाबहार थाना होते हुए गांधी चौक तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर महंगाई के खिलाफ केंद्र सरकार पर लांछन लगाते हुए नारों के जरिए कहा कि "वाह रे मोदी तेरा खेल, खा गए प्याज पी गए तेल" और "भारत माता की जय घोष" के नारे से पूरा फरसाबहार ही नहीं छत्तीसगढ़ ही नहीं दिल्ली में प्रधानमंत्री के सिंहासन पर कुंडली मारकर बैठने वाले मोदी सरकार के कानों तक पहुंचाना चाहती है, बीते 7 सालों में केंद्र सरकार ने देश को बदहाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, पेट्रोल डीजल ही नहीं सारे वस्तुओं की महंगाई भी चरम सीमा पर है, हर गरीब परिवार को सब्सिडी में गैस उपलब्ध करा कर वाहवाही लूटी बाद में गैस के दाम बढ़ा दिए, आज हर गरीब परिवार गैस नहीं ले पा रहा चूल्हा फूकने को मजबूर है, दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक आम आदमी के पहुंच दूर हो गई, और केंद्र सरकार बेफिक्र है,मोदी राज में महंगाई आसमान पर है, जनता महंगाई से त्रस्त है, पेट्रोल डीजल पर आजादी के बाद सबसे ज्यादा एक्साईज ड्यूटी लेने वाली सरकार मोदी सरकार है, मोदी सरकार कोरोना काल में पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाने वाले एक्साईज ड्यूटी को 10 गुना तक बढ़ा दिया।
बढ़ी बेरोजगारी,दो करोड़ रोजगार के वायदे भूल गए--हर साल 2 करोड नए लोगों को रोजगार का वायदा करने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी दर अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है, लोगों की लगी नौकरियां भी मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण चली गई, नोटबंदी, जीएसटी का दुष्प्रभाव के कारण देश के युवाओं के रोजगार के अवसर समाप्त हो गए।
महिला सुरक्षा में नाकाम--महिलाओं को जीने का भयमुक्त वातावरण देने का वादा करने वाले मोदी अपने ही दल के विधायकों, जनप्रतिनिधियों से महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे पाए, हाथरस उन्नाव कठुवा जैसी दुर्दांत घटनाओं पर कार्यवाही करने में भाजपा की राज्य सरकार के हाथ कांप गये।
15 लाख अच्छे दिन गायब--15 लाख और अच्छे दिन जैसे जुमले तो आज भारत की जनता के बीच में वादाखिलाफी के पर्यायवाची बन गए हैं मोदी और भाजपा 15 लाख और अच्छे दिन कहां है पूछने पर जनता को जवाब देना नहीं चाहते।
नोटबंदी के अविवेकपूर्ण निर्णय से देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई, जीएसटी लगने से उद्योग धंधे कल कारखाने बंद हुए, और बहुतायात संख्या मैं लोग बेरोजगार हुए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था में विपरीत असर पड़ रहा है।
निजीकरण को बढ़ावा देने से सरकारी संस्थान नीलाम हो रही हैं एवं नौकरी का अवसर समाप्त हो रहा है, बेरोजगारी बढ़ रही है, एयरपोर्ट, रेलवे, बैंक, एलआईसी पोर्ट को निजी हाथों में देने से अवैध कारोबार बढ़ने एवं देश की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, सीधी तौर पर सरकारी नियंत्रण समाप्त हो जाएंगे।
किसानों की आय में 2 गुना बढ़ोतरी की बात झूठी साबित हुई, एक लाख करोड़किसानों के लिए राहत पैकेज का अता पता नहीं देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 30 फीस दी है फिर भी केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 के बजट में खाद की सब्सिडी में 54417 करोड़ की कटौती की है,भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सरकार में आने के पूर्व स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर किसान की आय में 2 गुना बढ़ोतरी करने की बात कही थी परंतु सरकार में आने के बाद उसके विपरीत तीन कृषि कानून लाकर किसानों के साथ धोखा किया, जिससे किसान व्यथित हैं,किसानों को खालिस्तानी, आंतकवादी, मुनाफा खोर कहकर भाजपा के लोगों ने अपमानित करने का काम किया है।
पदयात्रा में शामिल कांग्रेस के दिग्गज नेता गजेंद्र जैन, शेराज राही और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन ताम्रकार के नेतृत्व में टीम ने मोदी के खिलाफ नारे लगाकर केवल मोदी को ही नहीं, देश की हर जनताओं को भी मोदी के कुप्रबंधन से अवगत कराना चाहती है,श्री ताम्रकार के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा में शामिल निर्जन चौहान महामंत्री, अयोध्या सिंह महामंत्री, मदन यादव वरिष्ठ कांग्रेसी, जीतू जायसवाल जोन प्रभारी, बदराम, शेराज खान नामजीत चौहान,गिरीश, नंद कुमार यादव विधायक, प्रभारी सुरेश नायक, विनय चौहान, नंदू बाजपेई, सत्नू साय, गणेश साय वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता, एवं अन्य कांग्रेसी दिग्गज कार्यकर्ताओं की भूमिका पदयात्रा में काबिले तारीफ रही।

