पत्थलगांव- दशहरा के दिन के हृदय विदारक घटना को भुला पाना नामुमकिन है।
परंतु कल जो मिडिया के माध्यम से पत्थलगांव की महिला का वीडियो जारी हुआ है उसमें उन्होंने बताया कि एक लाल गाड़ी उनके घर के सामने आकर रूकी और एक पुलिस और एक सिपाही कार के ड्राइवर से कांच नीचे करने को कहते हैं ड्राइवर कांच नीचे करता है और फिर कांच ऊपर करके तेजी से भागता है दोनों गाड़ी के पीछे दौड़ते हैं और अंततः ये हृदय विदारक घटना घटती है।
यह घोर प्रशासनिक लापरवाही एवम संदेह पैदा करने वाला वीडियो है जिससे पता चलता है कि पुलिस को इस बात की खबर थी कि उस गाड़ी में गांजा था तभी तो पुलिस ने उस गाड़ी के ड्राइवर से पूछताछ या बातचीत की।अगर पुलिस को शक हो गया था कि उस गाड़ी में गांजा है तो सामने की भीड़ को देखते हुए क्या यह उचित समय था जब उनको टोका जाता और वो बचने के लिए इस तरह भागते की एक बड़ा हृदयविदारक हादसा हो गया या फिर आए दिन उनके वसूली का यही तरीका है।क्योंकि गांजा के इतने बड़े जखीरे को बिना तैयारी केवल दो पुलिस के द्वारा खिड़की खुलवाकर बातचीत करने रोकने का प्रयास संदेह पैदा करता है क्योंकि अपराधियों को धरदाबोचने की उनकी मंशा नहीं दिखती।अगर समझदारी से काम लिया गया होता और व्युहरचना से अपराधियों को पकड़ने का प्रयास होता तो हादसा भी टल जाता और अपराधी भी पकड़े जाते।पत्थलगांव तक गांजा का इतना बड़ा जखीरे का पहुंचना और पुलिस द्वारा इतने सामान्य ढंग से पूरे मामले पर कार्यवाही की पहल करना और अपराधियों का इस तरह भीड़ को रौंदते हुए भागना ।
मैं इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करता हूं यह सामान्य घटना नहीं है जानबूझकर अपराधियों को भीड़ को रौंदकर भागने पर मजबूर करना किसी सोचें समझे षड्यंत्र का हिस्सा भी हो सकता है इससे इंकार नहीं किया जा सकता। किसके सह पर यह तस्करी उद्योग फल फूल रहा है इसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
प्रदेश एवम देश में धर्मांतरण के बढ़ रहे घटनाक्रम को देखते हुए इस तरह नशीले पदार्थ की तस्करी में अचानक आए उछाल संदेहास्पद लगते हैं क्योंकि भारत के जिस भी प्रदेश को कमज़ोर करना होता है षड्यंत्रकारी शक्तियां पहले उस प्रदेश के युवा को नशे के कुएं में धकेलती है परिवार को आर्थिक रूप से तबाह करती है फिर मनोवांछित उद्देश्य को अंजाम देती है जैसे पंजाब,भारत का उत्तर पूर्वी इलाका इत्यादि।मुझे पूरा संदेह है कि इन नशीले पदार्थ की तस्करी में आए बढ़ोतरी के पीछे धर्मांतरण ही मूल उद्देश्य है।सनद रहे धर्मांतरण जैसे घृणित कार्य को बढ़ावा देने में जिसका भी हाथ पाया जायेगा उसे कुचल दिया जाएगा ।

