जिन्दल पावर लिमिटेड में जमीन धोखाधड़ी का गंभीर मामला आया सामने
कचकोबा गांव में रहने वाले दौलत सिंह ठाकुर के पौत्र दिव्य सिंह ठाकुर को यह पता चला कि उसके दादा के नाम पर ग्राम तमनार में स्थित 0.506 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री केवल 32,000/-(बत्तीस हजार रूपए) में जिन्दल पावर लिमिटेड के मैनेजर राकेश जिन्दल ने दिनांक 28 अप्रेल 2001 को जिन्दल कंपनी के नाम पर करा लिया है। जबकि दौलत सिंह ठाकुर की मृत्यु इस रजिस्ट्री के किये जाने के लगभग 6 वर्ष पूर्व दिनांक 9 मई 1995 को ही हो गई थी।
दिव्य सिंह ठाकुर ने अपने दादा दौलत सिंह ठाकुर का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न करते हुए पुलिस और प्रशासन से न्याय पाने के लिये फरियाद करता रहा लेकिन जिन्दल कंपनी के मैनेजर के खिलाफ पुलिस और प्रशासन मौन रहा! जिसके पश्चात दिव्य सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीष को एवं छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग को पत्र लिख कर न्याय दिलाने की गुहार की। जिंदल कम्पनी की इस धोखाधड़ी का मामला उजागर होते ही और कई लोग सामने आए जिनकी जमीनों को भी जिंदल पावर लिमिटेड द्वारा गलत तरीके से हथिया लिया गया है।
हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने दिए जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को दिये जांच के आदेश, अब नगर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान 20 अक्टूबर तक मांगी जांच रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए बिलासपुर आईजी को यह आदेश जारी कर 20 अक्टूबर तक पूरे मामले की जांच प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

