रायपुर : शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजनारू 1652 प्रकरणों में 24.46 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान......जशपुर नगर के 16 प्रकरणों में 22 लाख 25 हजार रूपए की राशि स्वीकृत... - Chhattisgarhkimunaadi.com

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बुधवार, 6 अक्टूबर 2021

रायपुर : शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजनारू 1652 प्रकरणों में 24.46 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान......जशपुर नगर के 16 प्रकरणों में 22 लाख 25 हजार रूपए की राशि स्वीकृत...

 


रायपुर, 06 अक्टूबर 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना का कुशलतापूर्वक संचालन हो रहारायपुर : शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजनारू 1652 प्रकरणों में 24.46 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का भुगतान है। राज्य में योजना के अंतर्गत माह जुलाई तक 01 हजार 652 प्रकरणों में 24 करोड़ 46 लाख 45 हजार रूपए की राशि का भुगतान किए जा चुके हैं।

इसके तहत स्वीकृत प्रकरणों में वन मंडलवार बीजापुर अंतर्गत 95 प्रकरणों 01 करोड़ 64 लाख 25 हजार रूपए, सुकमा के 13 प्रकरणों में 21 लाख 20 हजार, दंतेवाड़ा के 36 प्रकरणों में 63 लाख 15 हजार रूपए तथा जगदलपुर के 06 प्रकरणों में 08 लाख 60 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसी तरह पश्चिम भानूप्रतापुर के 46 प्रकरणों में 58 लाख रूपए, पूर्व भानूप्रतापुर के 101 प्रकरणों में 01 करोड़ 51 लाख 90 हजार रूपए, कोण्डागांव के 10 प्रकरणों में 13 लाख 65 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है।

वन मंडलवार नारायणपुर के 29 प्रकरणों में 46 लाख 10 हजार रूपए, कांकेर के 150 प्रकरणों में 02 करोड़ 09 लाख 10 हजार रूपए, केशकाल के 22 प्रकरणों में 32 लाख 10 हजार रूपए तथा मरवाही के 06 प्रकरणों में 10 लाख 30 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। बिलासपुर के 27 प्रकरणों में 32 लाख 20 हजार रूपए, कोरबा के 57 प्रकरणों में 89 लाख 10 हजार रूपए, कटघोरा के 24 प्रकरणों में 30 लाख 20 हजार रूपए, रायगढ़ के 118 प्रकरणों में 01 करोड़ 81 लाख 65 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसके अलावा धरमजयगढ़ के 72 प्रकरणों में 01 करोड़ 17 लाख 10 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा के 15 प्रकरणों में 26 लाख 60 हजार रूपए, खैरागढ़ के 20 प्रकरणों में 28 लाख 10 हजार रूपए तथा राजनांदगांव के 99 प्रकरणों में 01 करोड़ 19 लाख 30 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है।

इसी तरह वन मंडलवार बालोद के 21 प्रकरणों में 36 लाख80 हजार रूपए, कवर्धा के 15 प्रकरणों में 25 लाख 20 हजार रूपए, धमतरी के 55 प्रकरणों में 65 लाख 80 हजार रूपए तथा गरियाबंद के 226 प्रकरणों में 03 करोड़ 05 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है। महासमुंद के 197 प्रकरणों में 03 करोड़ 30 हजार रूपए, बलौदाबाजार के 18 प्रकरणों में 22 लाख 40 हजार रूपए, सरगुजा के 26 प्रकरणों में 50 लाख 60 हजार रूपए तथा सूरजपुर के 30 प्रकरणों में 56 लाख 40 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसके अलावा बलरामपुर के 63 प्रकरणों में 01 करोड़ 14 लाख 65 हजार रूपए, कोरिया के 15 प्रकरणों में 18 लाख 55 हजार रूपए, मनेन्द्रगढ़ के 14 प्रकरणों में 24 लाख 90 हजार रूपए तथा जशपुर नगर के 16 प्रकरणों में 22 लाख 25 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है।

गौरतलब है कि राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह लिल योजना विगत 5 अगस्त 2020 से संचालित है। इस योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 18 से 50 वर्ष तक हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दो लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए की राशि अतिरिक्त रूप से प्रदान की जाती है। दुर्घटना से पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में दो लाख रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है।

इसी तरह तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 51 से 59 वर्ष के बीच हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 30 हजार रूपए तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना में पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में 75 हजार रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है।

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