गूंज एक ऐसी संस्था है जो पूरे भारत में भारत के कई राज्यों के हिस्सों में आपदा राहत मानवीय सहायता और सामुदायिक विकास का कार्य करता है, गूंज देश के 23 राज्यों में काम करने वाली एक स्वयंसेवी संस्था है, स्वयंसेवी संस्था दर्पण" गूंज," संस्था का ही एक रूप है, एनजीओ का यह स्वयं सेवी संस्था दर्पण गांव में घूम घूम कर राहत भरा सामान, गरीबों व जरूरतमंदों को प्रदान करती है,खास तौर पर ठंड के मौसम में कंबल कपड़े चादर बर्तन व खाद्यान्न सामग्री का भी वितरण करती है,
आज एनजीओ संस्था दर्पण का वह मानवीय रूप देखने को मिला, जहां पहाड़ी कोरवा आज भी 18वीं शताब्दी में जी रहे हैं, जिन्हें तन ढकने के लिए कपड़े नहीं बल्कि पत्तों से ढके जाते हैं, शासन कहती है कि उसने भारत देश से गरीबी दूर कर दी है, "मगर नहीं" शासन जिस दिन गरीबों को अमीरों के लाइन में खड़ा कर देगा, उस दिन अमीर लोग दाने-दाने के लिए मोहताज हो जाएंगे, आज अगर सर्वे के आधार पर देखा जाए तो भारतवर्ष गरीबों का देश है जहां मेहनत से ही जिंदगी को सींचा जाता है, यहां आमजन भविष्य में नहीं वर्तमान में जीते हैं, यहां के लोग बाग कल में नहीं आज में जीते हैं, जिसका प्रमाण स्वयंसेवी संस्था दर्पण ने साबित कर दिया है, यह वह संस्था है जहां शासन के रास्ते बंद होते हैं वहां यह अपना रास्ता बनाती है, कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करके उनके आत्मबल और आत्मविश्वास को बढ़ाती है, उनके आवश्यकतानुसार संस्था सामग्री प्रदान करती है, कोरोना काल में विश्व भर में लोगों ने जीने की तमन्ना खो दी थी जहां शासन लोगों की सहायता करने में असफल साबित हुआ, वहां एनजीओ ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लोगों को जीवन देने में भारत सरकार अस्पताल में कोरोनावायरस के लोगों के लिए सांसे प्रदाय नहीं कर पाई, वहां एनजीओ स्वयंसेवी संस्था दर्पण मेडिसिन के अलावा ऑक्सीजन उपलब्ध करा कर थमती हुई सांसो में सांस भर दी थी।
स्वयंसेवी संस्था दर्पण ने ठंड के आसार को देखते हुए जसपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के ग्राम सिमाबारी, ग्राम बोखी व ग्राम सहसपुर के पहाड़ी कोरवा ओं के प्रति न्यौछावर होते हुए एनजीओ अर्थात स्वयंसेवी संस्था ने लगभग 100 पहाड़ी कोरवा परिवारों को मुफ्त में कपड़े चादर व कंबल प्रदान किया संस्था के अध्यक्ष मधुलता पैकरा व सचिव लोचन राम यादव के द्वारा उक्त कपड़े वितरण किए गए संस्था के सचिव लोचन यादव का कहना है कि आज उन्होंने 100 लोगों को उनके राहत की सामग्री प्रदान की है, संस्था के अध्यक्ष व सचिव दीपावली के आगमन पर हजार लोगों की सहायता करने का लक्ष्य रखा है, अतः आप समाचार पाठकों को आपके अंदर की उस मानव का वास्ता जिसे आप कभी देख ही नहीं सकते, लेकिन एक आत्मिक सुख का अहसास जरूर करेंगे, जब आप अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को स्वयं सेवी संस्था दर्पण के बारे में जानकारी देकर इसकी महान सेवा का विवरण प्रस्तुत करेंगे।

