रिपोर्टर-सुरेश कुमार यादव
जांजगीर चाम्पा--लगातार शिक्षकों की अनुपस्थिति ,अधिक फीस वसूली शिकायत के बाद आखिरकार शाला विकास एव प्रबंध समितियों, जनप्रतिनिधियों एवम पलको ने सयुक्त रूप से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मंगलवार को अचानक निरीक्षण किया गया जिसमें 5 शिक्षक अनुपस्थित मिले।
हमेशा से अपने कारनामो से सुर्खियों में रहने वाले
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसमन्दा कोरोना काल मे भी अधिक फीस वसूली ,शिक्षकों की मनमानी को लेकर फिर सुर्खियों में है।छात्रों से शिकायत मिलने पर मंगलवार को जनपद सदस्य,जनपद उपाध्यक्ष, पालकगण,मिडिया रिपोर्टर व शाला विकाश समिति की उपस्थिति में विद्यालय का निरीक्षण किया गया। जिसमें के तरह की अनिमितताये समाने आई है।जैसे विद्यालय में 17 शिक्षकों में से 5 शिक्षक अनुपस्थित मिले केवल एक शिक्षिका का आवेदन ही स्कूल पहुँचा था।वही स्कूल लगने के समय पर भी शिक्षक स्कूल नही पहुंच रहे है। 11 बजे तक केवल 4 ही शिक्षक स्कूल पहुँचा हुआ था।
अन्य शिक्षक 12 के बाद स्कूल पहुचे है।पंचनामा तैयार कर शासकीय सेवा संहिता संबंधी किया जा रही अनिमितताओं पर कार्यवाही करने जिला कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को दिया गया है
विद्यालय में नही है पाठकान
अमतौर पर देखा जाता है कि शिक्षक विद्यालय पहुंचते ही अटेंडेस रजिस्टर(पाठकान)में अपना दस्तखत कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते है।उसके बाद ही कक्षो में पढ़ाने हेतु जाते है।पर इस विद्यालय का अपना ही अलग कायदा-कानून है। पाठकान के विषय मे क्लर्क से जानकारी मांगने पर पाठकान को प्राचार्य के पास होने की जानकारी दी गई।प्राचार्य की अनुपस्थिति में शिक्षकों का दस्तखत कौन करता होगा सोचनीय है।
एक दिन पांच तो 23 दिन में केवल 3 अनुपस्थित
जांच के दौरान केवल एक ही दिन में 5 शिक्षक अनुपस्थित थे वही पिछले 23 दिनों की आवेदनों की विषय मे पूछने पर केवल तीन लोगों का ही छुट्टी का आवेदन प्राप्त हुआ।इससे साफ जाहिर होता है कि छुट्टी से आने के बाद अपने दस्तखत करते होंगे।
"खांडे ब्लाक शिक्षा अधिकारी बलौदा-पाठकान हमेशा ही विद्यालय में बाबू के पास रहता जिसमे शिक्षक विद्यालय पहुँच कर साइन करते है।"


