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बुधवार, 30 जून 2021

विद्यालयों में दी जा रही भारतीय संस्कृति और शिक्षा उत्कर्ष के प्रति विद्या भारती ने ऐतिहासिक स्थान स्थापित

 


विद्यालयों में दी जा रही भारतीय संस्कृति और शिक्षा उत्कर्ष के प्रति विद्या भारती ने ऐतिहासिक स्थान स्थापित किए हैं हमें गर्व है कि विद्या भारती से पढ़कर निकले पूर्व छात्र की संस्था विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद के पंजीकृत सदस्यों की संख्या 5 लाख 55 हजार से पार कर चुकी है और आगे भी संख्या बढ़ाई जा सकती है इस आंकड़े को छूने के बाद यह संस्था विश्व के सर्वाधिक पंजीकृत सदस्य वाला छात्र संगठन बन गया है विद्या भारती परिवार इसके लिए अपने पूर्व छात्रों को बधाई देता है 


पत्थलगांव सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रिंसिपल श्री राजेन्द्र कुमार पाण्डेय और पूर्व छात्र परिषद के विद्यालय संयोजक श्री रोमन तिवारी ने कहा की विद्या भारती  सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी को साझा करते हुए बताया कि बिना किसी सरकारी आर्थिक सहयोग के देशभर में 12830 औपचारिक विद्यालय के माध्यम से भारत केंद्रित संस्कार युक्त समाज आज उपयोगी शिक्षा देने वाला विश्व का सबसे बड़ा संगठन बन गया है जिसमें 1 लाख से अधिक आचार्यगण, बंधु -भगिनी, एवं 34,45,856 छात्रों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है समाज के असहाय वर्ग के प्रति भी अपने उत्तरदायित्व को स्वीकार करते हुए 

देश के ग्रामीण जनजाति तथा सेवा बस्ती में चल रहे 11353 औपचारिक शिक्षा केंद्रों के माध्यम से यह संस्था सांस्कारिक शिक्षा देने में देश की अगली पीढ़ी के निर्माण हेतु सन1952 से लगातार प्रयास में लगी हुई है


छत्तीसगढ़ प्रांत में सरस्वती शिक्षा संस्थान के माध्यम से पंजीकृत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों की संख्या शहरी एवं ग्रामीणों को मिलाकर लगभग 1200 के करीब हैं जो आज छत्तीसगढ़ के छात्रों को ज्ञान,चरित्र, व शिक्षाप्रद संस्कार के माध्यम से शिक्षित कर रहे हैं 


पूर्व छात्रों के विवरण के बारे में परिचय श्री मिश्रा ने बताते हुए कहा कि विद्या भारती के पढ़कर निकले हुए पूर्व छात्र आज सामाजिक जीवन में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए समाज का नाम रौशन करने में योगदान कर रहे हैं अखिल भारतीय स्तर पर इस पूर्व छात्रों द्वारा कोराना काल में लाकडाउन के निरंतर लोगों की सेवा करते हुए भोजन, दवाइयां आदि सुविधा उपलब्ध भी कराए है..


 प्रशासनिक सेवाओं और न्यायपालिका आदि में पदस्थ विद्या भारती के पूर्व छात्र जहां अपने रोज के कार्य व्यवहार में इन विद्यालयों से विद्यार्थी जीवन में मिले संस्कारों को अनुसरण करते हैं वही उद्योग व्यवसाय से लेकर धर्म अध्यात्म ,राजनीति समाज सेवा ,तक प्रत्येक क्षेत्र में यह पूर्व छात्र प्रमुख दायित्व को लेकर कार्य कर रहे हैं 


छ.ग. प्रदेश में भी ऐसे अन्य क्षेत्रों में सरस्वती शिशु मंदिर से पढ़े हुए पूर्व छात्र आज समाज का नाम रौशन कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ पूर्व छात्र परिषद के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अलग-अलग विषयों को लेकर पूर्व छात्रों से संवाद और वर्तमान की नई शिक्षा नीति पर चर्चा कर समाज की समस्याओं के विषयों पर चर्चा तथा अपने विद्यालय के प्रति उदारभाव दिखाते हुए विद्यालय को अपने अनुभव का लाभ दे रहे हैं इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ पूर्व छात्र परिषद सरस्वती शिक्षा संस्थान के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पूर्व छात्रों को विद्या भारती एलुमनी पोर्टल में अधिक से अधिक जोड़ने के लिए महासदस्यता अभियान 1 जुलाई 2021 से 15 जुलाई 2021 तक चलाने वाले इसमें सभी सरस्वती शिशु मंदिर से पढ़े  सभी पूर्व  छात्रों को vidyabhartialumni.org में पंजीयन के लिए आग्रह किया जा रहा है 

और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा 


अब तक छत्तीसगढ़ के लगभग 10300 पूर्व छात्रों का पंजीयन पूर्व छात्र परिषद विद्या भारती के एलुमनी पोर्टल में हो चुका है। 

1 जुलाई दोपहर 3.30  बजे से इस महासदस्यता अभियान का उद्घाटन फेसबुक के पेज CG VIDYA BHARTI ALUMNI में माननीय प्रान्त संघचालक डाक्टर पूर्णेन्दु सक्सेना एवम विद्या भारती मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री विवेक शेंडे की उपस्थिति में चलित रहेगा..

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