ग्राम पंचायत झिमकी में एकता महिला मंच के संगठन की बहनों द्वारा आचार्य बाबा विनोबा भावे जी की 128वी जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, विनोबा भावे के छाया चित्र में पुष्प दीप प्रज्वलित कर जय जगत गीत के माध्यम से प्रोग्राम की शुरुआत, तथा विशेष कार्यक्रम आयोजन रखा गया था और झिमकी पंचायत क्षेत्र में एकता महिला मंच की कार्यकर्ता मनकुवेर पैंकरा द्वारा संगठन के बहनों को प्रेरित करते हुए अपने कार्यक्षेत्र में महिला जागरूकता अभियान को व्यापक रूप देते हुए शिक्षा ,दहेज, शराब बंदी, और महिला भूमि हकदारी , के लिए 11सितंबर आचार्य विनोबा भावे जयंती से लेकर 2अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती अहिंसा दिवस तक लगातार हम अपने 10 गांवो में महिला लीडर्स की भागीदारी बढ़ाने एवं उनकी ग्रामीण समस्याओं के समाधान हेतु अधूरी कार्यवाही को पूरा कराने के लिए एकता महिला मंच द्वारा महिला नेतृत्व के माध्यम से ग्राम पंचायत झिमकी में महिला सभा का आयोजन किया गया ताकि महिला संगठन को और मजबूती मिल सके । और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए जन पैरवी ( जन सभा ) दस्तावेज बनाकर आगे की कार्यवाही कर सके, और महिलाएं आत्म निर्भर बन सके।
कार्यक्रम में संगठन की मुख्य अतिथि संगठन अध्यक्ष टीकेश्वरी पैंकरा ने बताया कि पंचायत में जो सरकारी योजना आती हैं वह सरकारी योजना गांव की आदिवासी समुदाय के महिलाओं तक नहीं पहुच पाती हैं।और आदिवासी समुदाय जाति पहाड़ी करवा, मांझी, उरांव, बिरहोर गोड़ जैसे अन्य जाति वर्ग के लोगों को भी सरकारी योजनाओं से वंचित रहते हैं और यह जातियां सरकार के योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं।
इस प्रकार संगठन की बहनों द्वारा समस्या जैसे:- पेंशन योजना, राशन कार्ड, महिला भूमि अधिकार आदि समस्या निकली गयी और सरकारी दफ्तरों में जाने का प्रण किये। जिसमे संगठन के अध्यक्ष टीकेश्वरी पैंकरा उपअध्यक्ष खेमाश्वरी चौहान,उतारा यादव, कमलेश्वरी यादव, चंद्रकला, पुष्पा, संतोषी, रभा, बसंती लिलावती, दामिनी, सिया बाई, सहोद्राप्रतिमा, परमिला खुलनी, गुरबारी, सुलोचना, राधिका, गंगावती, कुन्ती यादव, राजकुमारी, सुमति यादव, प्रतिमा बाई सहित 25 महिलाएं शामिल रहे।
आगे की कार्यक्रम बैठक 15 सितंबर को खूंटापानी पंचायत तथा 21 सितंबर को कोकियाखार में कार्यक्रम किया जायेगा।
यह कार्यक्रम 11 सितंबर से 2 अक्टूबर तक इसी प्रकार महिला सभा पत्थलगांव ब्लॉक क्षेत्र के 10 गांव मेंमहिला नेतृत्व विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया में, समाज में एवं सरकारी योजना की समस्या के तहत पारंपरिक दृष्टिकोण के प्रति जागरूक किया जाना है , तथा समस्या का समाधान हेतु प्रयास रहेगी ताकि गांव की वंचित आदिवासी समुदाय के महिलाएं और उनके परिवारों को सरकारी योजना का लाभ मिल सके।


