गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के लिए आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में वरदान साबित हो रही है
जशपुर जिले में गौठानों के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। सभी गोठानों में 304 स्व सहायता समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार की मल्टीएक्टीविटी जैसे-मुर्गीपालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, बटेर पालन, दोना-पत्तल, मछली पालन, साग-सब्जी आदि गतिविधियों से जुड़कर महिलाओं ने अब तक 95 लाख 63 हजार आय अर्जित ली हैं।
इसी तरह गौठानों में समूह द्वारा उच्च गुणवत्तायुक्त वर्मी कम्पोस्ट खाद एव सुपर कम्पोस्ट खाद भी बनाया जा रहा है। जिले के किसानों द्वारा वर्मी खाद का उपयोग अपने खेतों में अच्छी फसल लेने के लिए कर रहें हैं। ताकि जैविक खाद से भूमि की उर्वरा शक्ति को कायम रखने में मदद मिल सके।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के लिए आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में वरदान साबित हो रही है। गोठान ग्रामो में फलदार वृक्षा रोपण के तहत 4746 कृषको के यहां व्यक्तिगत बाड़ी विकास के लिये फलदार पौधे आम, लीची, पपीता, अमरूद, आदि पौधे एवं सब्जी बीज मिनीकिट प्रदाय किया गया। गोठानो में फलदार वृक्षा रोपण करने ग्राम पंचायत, गोठान समितियों को आम, अमरूद, कटहल, सूबबूल आदि के 157486 पौधे प्रदाय किये गये। इसके लिए समूह की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन को धन्यावद दिया है।




