इस गांव में आपस मे मिलजुलकर रहने के कारण इनकी एकजुटता की अलग मिसाल है.
यंहा के ग्रामीणों की जागरुकता की वजह से 45 से उपर की उम्र के लोगों की खातिर वैकसीनेशन के लिए 65 का लक्ष्य के विरुद्ध यंहा 75 लोगों ने टीकाकरण कराया है.
गांव के लोग बताते है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान यंहा लॉकडाउन के वक्त कोविड नियमों का सभी ने पूरी सख्ती से पालन किया.
इस अवधि में गांव से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर बबूल के कांटे डालकर आवागमन बंद कर दिया था. पड़ोसी राज्य ओड़िसा से पूरी तरह सम्पर्क काट दिया था. इस कड़ाई से लोगों को थोड़ी परेशानी अवश्य हुई लेकिन यंहा किसी भी घर का सदस्य कोरोना संक्रमण का शिकार नहीं हुआ.
कोरोना के प्रति सतर्कता बरतने के कारण गांव में एक भी व्यक्ति संक्रमण का शिकार नहीं हुआ.

